चंद्र सिंह गढ़वाली – पेशावर कांड के नायक

चन्द्र सिंह गढ़वाली का जन्म 25 दिसम्बर 1891 में हुआ था। चन्द्रसिंह के पूर्वज चौहान वंश के थे जो मुरादाबाद में रहते थे पर काफी समय पहले ही वहगढ़वाल की राजधानी चांदपुरगढ़ में आकर बस गये थे और यहाँ के थोकदारों की सेवा करने…

गब्बर सिंह – प्रथम विश्व युद्ध का विक्टोरिया क्रॉस

अपने फर्ज के लिए मर मिटने वाले ऐसे ही लोगों में से गढवाल रायपफल्स के नम्बर १६८५ रायपफलमैन गबर सिंह का नाम सन् १९१४ से इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। मरणोपरान्त ब्रिटिश हुकूमत के सर्वोच्च सैनिक सम्मान…

जानिए इंद्रमणि बडोनी, उत्तराखंड के गांधी।

1 सितम्बर 1994 को खटीमा और 2 सितम्बर को मसूरी के लोमहर्षक हत्याकांडों से पूरा देश दहल उठा था। 15 सितम्बर को शहीदों को श्रद्धांजलि देने हेतु मसूरी कूच किया गया, जिसमें पुलिस ने बाटा घाट में आन्दोलनकारियों को दो…

श्रीदेव सुमन का बलिदान

1947 से पूर्व भारत में राजे-रजवाड़ों का बोलबाला था। कई जगह जनता को अंग्रेजों के साथ उन राजाओं के अत्याचार भी सहने पड़ते थे। श्रीदेव‘सुमन’ की जन्मभूमि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भी यही स्थिति थी। उनका जन्म 25 मई,…

चिपको आंदोलन और गौरा देवी।

1972 में गौरा देवी रैणी महिला मंगल दल की अध्यक्षा बनीं। नवम्बर 1973 में और उसके बाद गोविंद सिंह रावत, चंडी प्रसाद भट्ट, वासवानन्द नौटियाल, हयात सिंह तथा कई दर्जन छात्र उस क्षेत्र में आये। रैणी तथा आस-पास के गाँवों…

गढ़वाल राइफल्स का वीर जसवंत सिंह रावत

 भारतीय सेना के इतिहास में शहादत के बाद भी सेवानिवृत्ति की उम्र तक पदोन्नति पाने वाले अमर शहीद जसवंत सिंह रावत को सरकार ने भले ही मरणोपरांत महावीर च से सम्मानित किया हो लेकिन उनके अदम्य साहस और देश की…