देवरानी को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ी जेठानी, जानें फिर क्या हुआ

यूं तो देवरानी और जेठानी के आपसी रिश्ते बहुत मधुर नहीं माने जाते लेकिन के अल्मोडा जिले में एक महिला अपनी देवरानी को तेंदुए के पंजे से छुडाने के लिए उससे भिड़ गयी। हालांकि, तेंदुए और महिला के बीच हुए भीषण…

जानिए हिमालय के दुर्लभ पुष्प – ब्रह्मकमल को, वीडियो में देखिये खिले दुर्लभ पुष्पों को।

ब्रह्म कमल ऊँचाई वाले क्षेत्रों का एक दुर्लभ पुष्प है जो कि सिर्फ हिमालय, उत्तरी बर्मा और दक्षिण-पश्चिम चीन में पाया जाता है। ये एक पौधे पर एक ही पुष्प खिलता है जो रात्रि में ही खिलता है। ब्रह्म कमल…

वन्य जीवों के लिए स्वर्ग बनता जा रहा है गढ़वाल का हिमालयी क्षेत्र। देखें वीडियो।

हिमालय के गढ़वाल हिमालय क्षेत्र वन्य जीवों की संख्या में इजाफा हो रहा है। हिमालय में वन्य जीवों की बात करें तो हिमालयी भरल का नाम प्रमुखता से आता है। भरल को ब्लू शीप भी कहा जाता है। गढ़वाल हिमालय…

देखिये दुनिया में सबसे ऊंचाई पर बने प्राचीन भव्य शिव मंदिर एवं चल विग्रह डोली को।

तुंगनाथ उत्तराखण्ड के गढ़वाल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक प्राचीन भव्य शिव मंदिर है जो ३,६८० मीटर की ऊँचाई पर बना हुआ है और पंच केदारों में सबसे ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ पर शिव के हृदय और उनकी…

देखिये हिमालय के माध्महेस्वर घाटी के गोंडार गॉव में हिमालय की सांस्कृतिक धरोहर – बाबा भैरवनाथ नृत्य।

हिमालय की जीवनशैली में देवताओं का बड़ा महत्व है, देवता उनके हर सुख दुःख में भागिदार हैं।  पहाड़ी देवधुनो पर देवता अवतरित होकर नाचते हैं। देखिये हिमालय के माध्महेस्वर घाटी के गोंडार गॉव में हिमालय की सांस्कृतिक धरोहर – बाबा …

डॉ० पीताम्बर दत्त बडथ्वाल

डॉ० पीताम्बर दत्त बडथ्वाल ( १३ दिसंबर, १९०१-२४ जुलाई, १९४४) हिंदी में डी.लिट. की उपाधि प्राप्त करने वाले पहले शोध विद्यार्थी डॉ० पीताम्बर दत्त बडथ्वाल का जन्म तथा मृ्त्यु दोनो ही पाली ग्राम( पौडी गढवाल),उत्तराखंड, भारत मे हुई. बाल्यकाल मे…

पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त

पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त या जी॰बी॰ पन्त (जन्म १० सितम्बर १८८७ – ७ मार्च १९६१) प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी और वरिष्ठ भारतीय राजनेता थे। वे उत्तर प्रदेश राज्य के प्रथम मुख्य मन्त्री और भारत के चौथे गृहमंत्री थे।[2] सन १९५५ में…

नैन सिंह रावत – हिमालय सर्वेक्षण में सबसे महत्वपूर्ण नाम

भारत में अपना साम्राज्य स्थापित करने के बाद यह तय था कि अंग्रेजों की निगाहें हिमालय क्षेत्र की अपार सम्पदा पर पड़ेंगी। पर यह काम आसान न था। चीन के सम्राट ने तिब्बत की सीमाएं विदेशियों के लिए सील कर…

उत्तराखंड विशेष – सुमित्रानंदन पंत

पंत का जन्म अल्मोड़ा ज़िले के कौसानी नामक ग्राम में २० मई १९०० ई. को हुआ। जन्म के छह घंटे बाद ही उनकी माँ का निधन हो गया। उनका लालन-पालन उनकी दादी ने किया। उनका प्रारंभिक नाम गुसाई दत्त रखा गया। वे सात भाई बहनों में…

चंद्र सिंह गढ़वाली – पेशावर कांड के नायक

चन्द्र सिंह गढ़वाली का जन्म 25 दिसम्बर 1891 में हुआ था। चन्द्रसिंह के पूर्वज चौहान वंश के थे जो मुरादाबाद में रहते थे पर काफी समय पहले ही वहगढ़वाल की राजधानी चांदपुरगढ़ में आकर बस गये थे और यहाँ के थोकदारों की सेवा करने…

गब्बर सिंह – प्रथम विश्व युद्ध का विक्टोरिया क्रॉस

अपने फर्ज के लिए मर मिटने वाले ऐसे ही लोगों में से गढवाल रायपफल्स के नम्बर १६८५ रायपफलमैन गबर सिंह का नाम सन् १९१४ से इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। मरणोपरान्त ब्रिटिश हुकूमत के सर्वोच्च सैनिक सम्मान…

जानिए इंद्रमणि बडोनी, उत्तराखंड के गांधी।

1 सितम्बर 1994 को खटीमा और 2 सितम्बर को मसूरी के लोमहर्षक हत्याकांडों से पूरा देश दहल उठा था। 15 सितम्बर को शहीदों को श्रद्धांजलि देने हेतु मसूरी कूच किया गया, जिसमें पुलिस ने बाटा घाट में आन्दोलनकारियों को दो…

श्रीदेव सुमन का बलिदान

1947 से पूर्व भारत में राजे-रजवाड़ों का बोलबाला था। कई जगह जनता को अंग्रेजों के साथ उन राजाओं के अत्याचार भी सहने पड़ते थे। श्रीदेव‘सुमन’ की जन्मभूमि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भी यही स्थिति थी। उनका जन्म 25 मई,…