देखिये दुनिया में सबसे ऊंचाई पर बने प्राचीन भव्य शिव मंदिर एवं चल विग्रह डोली को।

तुंगनाथ उत्तराखण्ड के गढ़वाल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक प्राचीन भव्य शिव मंदिर है जो ३,६८० मीटर की ऊँचाई पर बना हुआ है और पंच केदारों में सबसे ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ पर शिव के हृदय और उनकी भुजाओं की पूजा होती है। भगवान राम ने जब रावण का वध किया, तब स्वयं को ब्रह्माहत्या के शाप से मुक्त करने के लिये उन्होंने यहाँ शिव की तपस्या की। कहा जाता है कि पांडवों ने ही इस मंदिर की स्थापना की थी।

प्राचीन शिव मंदिर से डेढ़ किमी की ऊंचाई चढ़ने के बाद चौदह हज़ार फीट पर चंद्रशिला नामक चोटी है जहाँ ठीक सामने से छू लेने योग्य हिमालय का विराट रूप देखा जा सकता है। चारों ओर बिखरी शान्ति में ऐसा लगता है मानो आप प्रकृति की ही गोद में बैठे हो। तुंगनाथ से नीचे जंगल की सुंदर रेंज और घाटी का दृश्य बहुत ही सुन्दर दिखता है। तुंगनाथ मंदिर के दक्षिण दिशा में देवहरिया ताल है। इस ताल की विशेषता है कि इसमें चौखंभा, नीलकंठ आदि हिमाच्छादित चोटियों के प्रतिबिंब स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं।

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