pv sindhuInternational Nation Sports 

वर्ल्‍ड बैडमिंटन चैंपियनशिप: पीवी सिंधु ने दी नोजोमी को कांटे की टक्कर, भारत के खाते में सिल्वर

ओलंपिक रजत पदक विजेता भारत की पीवी सिंधू को रविवार को ग्लास्गो में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के महिला एकल फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचे मैच में शिकस्त के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा और साथ ही वह इस खेल में देश की पहली विश्व चैंपियन बनने से भी चूक गई।

दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय खिलाड़ी सिंधू को एक घंटा और 50 मिनट चले मुकाबले में दुनिया की 12वें नंबर की खिलाड़ी और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ओकुहारा के खिलाफ 19-21, 22-20,  20-22 से हार झेलनी पड़ी। ओकुहारा ने इससे पहले सेमीफाइन में भारत की ही एक अन्य दिग्गज खिलाड़ी साइना नेहवाल को हराया था।

साइना ने कांस्य पदक जीता और इस तरह भारत के लिए यह विश्व चैंपियनशिप यादगार रही और देश इतिहास रखते हुए पहली बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दो पदक जीतने में सफल रहा।

भारत ने इससे पहले इस टूनार्मेंट में एक रजत और चार कांस्य पदक जीते थे। प्रकाश पादुकोण विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे। उन्होंने 1983 में पुरष एकल में कांस्य पदक जीता था। ज्वाला गुटटा और अश्विनी पोनप्पा की महिला युगल जोड़ी भी 2011 में कांस्य पदक जीतने में सफल रही।

टूनार्मेंट के अब तक के सबसे लंबे मैच में चौथी वरीय सिंधू ने पहला गेम गंवाने के बाद दूसरा गेम 73 शाट की रैली जीतकर अपने नाम किया। उन्होंने तीसरे और निणार्यक गेम में एक चैंपियनशिप प्वाइंट भी बचाया लेकिन जापान की आठवीं वरीय खिलाड़ी को खिताब जीतने से नहीं रोक पाई। सिंधू की ओकुहारा के खिलाफ सात मैचों में यह चौथी हार है जबकि तीन मैचों में उन्होंने जीत हासिल की।

विश्व चैंपियनशिप में दो बार की कांस्य पदक विजेता सिंधू हालांकि अपने वादे पर खरा उतरते हुए इस बार अपने पदक के रंग को बदलने में सफल रही। वह हालांकि विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय नहीं बन पाई।

दोनों से मैच की सतर्क शुरआत की। पहले 10 अंक के बाद दोनों खिलाड़ी 5-5 से बराबर थी लेकिन सिंधू ने इसके बाद लगातार छह अंक जीतकर ब्रेक तक 11-5 की बढ़त बना ली। सिंधू ने अपनी लंबाई का पूरा फायदा उठाते हुए अपने दमदार स्मैश की बदौलत ओकुहारा को परेशान किया और कुछ अच्छे अंक जुटाए। उन्होंने बढ़त को 13-8 तक पहुंचाया लेकिन जापान की खिलाड़ी ने इसके बाद जोरदार वापसी करते हुए 14-14 पर स्कोर बराबर कर दिया। ओकुहारा ने ब्रेके बाद 13 में से 10 अंक जीतकर 18-14 की बढ़त बनाई। जापान की खिलाड़ी ने इसके बाद कुछ गलतियां की जिससे सिंधू ने 19-19 पर बराबरी हासिल की। सिंधू ने नेट पर शाट उलझाकर ओकुहारा को गेम प्वाइंट दिया और फिर भारतीय खिलाड़ी ने शाट बाहर मारकर पहला गेम विरोधी खिलाड़ी की झोली में डाल दिया।

दूसरे गेम में ओकुहारा को अपने शाट पर नियंत्रण रखने में परेशानी हुई। सिंधू ने 5-1 की बढ़त बनाई और फिर बेसलाइन पर कुछ अच्छे अंक बनाते हुए बढ़त को 9-3 तक पहुंचाया। सिंधू ने इसके बाद तीन बार शाट बाहर मारे जिससे ओकुहारा ने स्कोर 7-9 किया। ओकुहारा ने हालांकि इसके बाद शटल को नेट पर उलझाया जिससे सिंधू ब्रेक तक 11-8 से आगे थी।

सिंधू ने ब्रेक के बाद बढ़त को पहले 15-13 और फिर 16-13 तक पहुंचाया। ओकुहारा ने कुछ दमदार स्मैश की बदौलत वापसी करते हुए स्कोर 16-17 किया। सिंधू ने इसके बाद नेट पर शानदार रिटर्न से स्कोर 19-16 किया और ओकुहारा के बाहर शाट मारने पर भारतीय खिलाड़ी को गेम प्वाइंट मिला।

ओकुहारा ने हालांकि इसके बाद लगातार तीन अंक के साथ स्कोर बराबर किया। सिंधू ने बैक कोर्ट पर शाट खेलकर एक अंक जुटाया और फिर 73 शाट की रैली जीतकर मैच को तीसरे और निणार्यक गेम में खींच दिया।

निर्याणक गेम में ओकुहारा ने 5-1 की शुरुआती बढ़त बनाई। सिंधू ने हालांकि 5-5 पर बराबरी हासिल कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद रैली में दबदबा बनाया और 11-9 से बढ़त बनाई। ओकुहारा ने हालांकि सिंधू के शरीर पर स्मैश और फिर शानदार फोरहैंड रिटर्न के साथ 13-12 की बढ़त बनाई।

इसके बाद स्कोर 17-17 से बराबर हुए। ओकुहारा ने बाहर शाट मारने पर सिंधू ने 19-17 की बढ़त बनाई लेकिन जापानी खिलाड़ी ने 19-19 पर स्कोर पर बराबर कर दिया। सिंधू ने इसके बाद नेट पर शाट उलझाकर ओकुहारा को चैंपियनशिप प्वाइंट दिया लेकिन लंबी रैली जीतकर स्कोर बराबर कर दिया। सिंधू ने इसके बाद एक और शाट नेट पर उलझाकर ओकुहारा को दूसरा चैंपियनशिप प्वांइट दिया और जापानी खिलाड़ी ने बैकहैंड पर शानदार रिटर्न के साथ खिताब जीत लिया।

Related posts

Leave a Comment