अल्पमत सरकार चलाना पसंद नहीं, नए चुनाव के लिए तैयार हैं मर्केल

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि अल्पसंख्यक सरकार चलाने की जगह वह नए चुनाव में उतरना पसंद करेंगी। उन्होंने यह संकेत गठबंधन का प्रयास विफल रहने के बाद दिया है। पिछले कुछ हफ्तों से अस्थायी सरकार की वजह से जर्मनी कोई साहसी नीतिगत फैसला नहीं ले पाया है। कोई दूसरे संभावित गठबंधन की गुंजाइश नजर नहीं आने से जर्मनी में समय से पहले एक बार फिर चुनाव हो सकता है।

मर्केल के मुताबिक, त्रिपक्षीय वार्ता की राह में सबसे बड़ी रुकावट उनकी उदार शरणार्थी नीति है। चुनाव में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद उन्हें असमान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन के लिए मजबूर होना पड़ा था।एक महीने तक चली बातचीत के बाद फ्री डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता क्रिश्चियन लिंडनेर ने कहा कि एंजेला के सीडीयू-सीएसयू और पर्यावरण समर्थक ग्रीन्स के कंजर्वेटिव गठबंधन के साथ सरकार बनाने के लिए विश्वास का कोई आधार नहीं है।

लिंडनेर ने कहा कि खराब तरीके से शासन करने से बेहतर है कि शासन नहीं किया जाए। एंजेला की उदारवादी शरणार्थी नीति ने 2015 से 10 लाख से ज्यादा शरणार्थियों को आने दिया है। इससे खफा होकर कुछ मतदाताओं ने अति दक्षिणपंथी एएफडी का दामन थाम लिया।

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