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उत्तराखंड की बेटियों ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान

सात समंदर पार करने के लिए रविवार को नविका सागर परिक्रमा पर निकली छह बेटियों में दो बेटियां उत्तराखंड की हैं। खास बात यह भी है कि इस दल का नेतृत्व भी उत्तराखंड की बेटी लेफ्टिनेंट वर्तिका जोशी कर रही हैं। यह दल करीब 22 हजार नॉटिकल मील का सफर तय कर आईएनएसवी तारिणी नौका से वापस भारत लौटेगा।
‘नविका सागर परिक्रमा’ के निकली भारतीय नौसेना के महिला अधिकारियों की टीम का नेतृत्व कर रहीं उत्तराखंड की बेटी लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी ने प्रदेश वासियों को गौरवान्वित किया है। वर्तिका मूल रूप से पौड़ी जिले के धूमाकोट क्षेत्र के स्यालखेत गांव की हैं। उनके पिता प्रो. पीके जोशी केंद्रीय गढ़वाल विवि श्रीनगर में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।

माता डा. अल्पना जोशी राजकीय महाविद्यालय (पीजी) ऋषिकेश में हिंदी विभागाध्यक्ष है। वर्तिका वर्ष 2010 में नौ सेना अधिकारी बनी। वर्तिका इससे पूर्व आईएनएसवी महादेई में सफलतापूर्वक कई अभियान पूरा कर चुकी हैं। वर्तिका नौसेना में भर्ती होने के बाद ब्राजील के रियो डि जेनेरियो से दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन तक पांच हजार नॉटिकल मील का समु़द्री अभियान पहले भी तय कर चुकी है। वर्तिका ने केपटाउन से कोच्चि तक का सफर भी तय किया है।

26 जनवरी 2015 को को गणतंत्र दिवस परेड की झांकी में वह अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओमाबा के समक्ष नारी शक्ति का प्रदर्शन कर चुकी हैं। 2016 में उनकी टीम आईएनएसवी महादेई में विशाखापट्टनम से गोवा तक लगभग तीन हजार किमी की समुद्री यात्रा तीन सप्ताह में तय कर चुकी है। परिक्रमा की शुरुआत गोवा से हुई और ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड होते हुए टीम गोवा वापस लौटेगी। इस अभियान का नेतृत्व कर रहीं लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी का परिवार फिलहाल ऋषिकेश के उग्रसेन नगर की रहने वाली हैं। वर्तिका की पढ़ाई श्रीनगर और ऋषिकेश से हुई है।

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