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उत्तराखंड: बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई सडकें बंद, बिजली-पानी भी ठप

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चमोली: उत्तराखंड (uttarakhand) के जनपद में कल रात को हुई भारी बारिश के चलते कर्णप्रयाग-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 32 ग्रामीण मोटर मार्ग बाधित हुए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक और व्यक्तिगत परिसंपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन की टीम विद्युत, पेयजल, यातायात सहित जरूरी सेवाओं को सुचारू करने में जुटी है।

जिले के तहसील चमोली क्षेत्रान्तर्गत कल रात सबसे ज्यादा 105.00 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। जबकि तहसील जोशीमठ में 22.4 मिमी, कर्णप्रयाग में 10.00 मिमी, पोखरी में 34.00 मिमी, थराली में 21.00 मिमी, गैरसैंण में 24.00 मिमी और घाट में 19.00 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई।

जिले की प्रमुख नदियों में अलकनन्दा नदी का जल स्तर खतरे के निशान 957.42 मी0 के सापेक्ष 954.40 मी0, नन्दाकिनी नदी का जल स्तर खतरे के निशान 871.50 मी0 के सापेक्ष 868.38 मी0 और पिण्डर नदी का जल स्तर खतरे के निशान 773.00 मी0 के सापेक्ष 769.27 मी0 के स्तर पर बह रही हैं। ये सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

भारी बारिश के कारण कर्णप्रयाग-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग मैठाणा, बाजपुर, निर्मल पैलेस, छिनका, क्षेत्रपाल, भनेरपानी, पागलनाला, लामबगड सहित कई स्थानों पर अवरूद्व हुआ था। जिसे यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया है ,वहीं गोपेश्वर-मण्डल-चोपता मोटर मार्ग भी बैंरागना, नरोधार व देवलधार में अवरूद्व मोटर मार्ग को खोलने की कार्यवाही गतिमान है। जबकि कर्णप्रयाग-ग्वालदम, कर्णप्रयाग-गैरसैंण तथा जोशीमठ-मलारी मोटर मार्ग यातायात के लिए सुचारू है। भारी बारीश के चलते जनपद में 32 ग्रामीण मोटर मार्ग पर मलबा आने से अवरूद्व हुए हैं, जिन्हें खोलने का काम चल रहा है और इनमे से अधिकांश मोटर मार्गो को देर शाम तक यातायात के लिए सुचारू कर लिया जाएगा।

अमृत गंगा पेयजल लाईन क्षतिग्रसत होने से गोपेश्वर नगर क्षेत्र एवं कोठियालसैंण में पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है, जिसे जोड़ने का काम जारी है। विद्युत वितरण खंड गोपेश्वर क्षेत्रान्तर्गत विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से कुहेड, रांगतोली, गोलिम, लासी, मजोठी, सेमडुग्रा, रोपा, मैठाणा, सैकोट, घुडसाल, लस्यारी, चमोली तथा मण्डल घाटी में विद्युत बाधित हुई है। वही तहसील चमोली, जोशीमठ तथा घाट में दूरसंचार सेवा भी बाधित है।

उत्तराखंड (uttarakhand) के कई क्षेत्रों में पशुओं को भी नुक्सान पहुंचा है। वहीं बैरांगना में मत्स्य विभाग की चाहरदीवारी क्षतिग्रस्त होने से पानी के बहाव के कारण लगभग 1 कुन्तल मछली की मौत हुई हैं। राइका बैरांगना परिसर में मलबा आया है। मठ-ठेली और ग्वाड गांव में 9 घरों की चौक की दीवारें व पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त हुई है। पलेठी में पेयजल लाईन टूट गई है।

सिरोली-मण्डल में एक पैदल पुलिया का अबेटमेन्ट और गोपेश्वर पुलिस मैदान की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हुई है। चमोली बस स्टेशन के निकट पुलिस की गुमटी, एक दुकान का गोदाम एवं विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुआ है। सिरोखोमा गांव में 3 गौशाला क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति भी बाधित हुई है। जिसे सुचारू करने का काम जारी है।

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