महंगाई के दौर में काफी काम है भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय : भावना पांडे
उत्तराखंड में भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाए जाने की तैयारी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विभाग शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज चुके हैं।

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं प्रसिद्ध समाजसेवी भावना पांडे की कोशिश व मुहिम रंग लाई है। वे बीते काफी समय से उत्तराखंड सरकार से प्रदेश की भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाए जाने की माँग करती आ रही थीं। वहीं सरकार अब इन सभी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने जा रही है।
समाजसेवी भावना पांडे ने प्रदेश की भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाए जाने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 40 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं। जो पिछले काफी समय से मानदेय वृद्धि की मांग करती आ रही हैं। केंद्र सरकार की ओर से इन्हें 4500 रुपये और राज्य सरकार की ओर से हर महीने 4800 रुपये मानदेय दिया जा रहा है किन्तु ये मानदेय आज की महंगाई के दौर में काफी काम है।
भावना पांडे ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाए जाने पर विचार किया जा रहा है। ये अच्छा प्रयास है किंतु सिर्फ दो या तीन हज़ार रुपये बढ़ाने से काम नहीं चलेगा सरकार को कार्यकर्ताओं की मांगों के अनुसार उनका मानदेय बढ़ाना चाहिए।
बताते चलें कि उत्तराखंड में भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाए जाने की तैयारी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विभाग शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज चुके हैं। वहीं, मध्य क्षेत्र परिषद की पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में हुई बैठक में भी राज्य सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाए जाने का प्रस्ताव रखा गया।



