उत्तराखण्ड

संकट की इस घड़ी में मोदी सरकार को उत्तराखण्ड के लिए खोलनी होगी अपनी मुट्ठी : भावना पांडे

भावना पांडे ने केन्द्र सरकार से मांग करते हुए कहा, मोदी सरकार को उत्तराखण्ड के लिए अपनी मुट्ठी खोलनी होगी और आपदा की इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिये, संकट की इस घड़ी में प्रदेश की पूर्ण रूप से मदद करनी होगी।

देहरादून। उत्तराखण्ड की बेटी, राज्य आंदोलनकारी एवं समाजसेवी भावना पांडे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने के बाद आपदा प्रभावित क्षेत्रों व लोगों के लिए सहायता के तौर पर केवल 1,200 करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा को निराशाजनक करार दिया है।

उत्तराखण्ड की बेटी भावना पांडे ने कहा, केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों व लोगों के लिए केवल 1,200 करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने कहा कि यह आपदा प्रभावित लोगों के घाव पर नमक छिड़कने जैसा है क्योंकि उत्तराखण्ड में जिस व्यापकता की आपदा आई है वह वर्ष 2013 में केदारनाथ में आयी आपदा जैसी है, इसमें उसी तरह का नुकसान पूरे राज्य में हुआ है। उन्होंने कहा कि तब, आज से 12 साल पहले केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार ने उत्तराखंड के लिए 21,000 करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज दिया था किंतु आज जो पैकेज मोदी जी द्वारा घोषित किया गया है वो ना केवल नाकाफी है बल्कि उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रेम और लगाव की पोल खोलने वाला भी है।

भावना पांडे ने केन्द्र सरकार से मांग करते हुए कहा, मोदी सरकार को उत्तराखण्ड के लिए अपनी मुट्ठी खोलनी होगी और आपदा की इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिये, संकट की इस घड़ी में प्रदेश की पूर्ण रूप से मदद करनी होगी। जो आर्थिक सहायता मोदी सरकार द्वारा दिये जाने की घोषणा की गई है वो बेहद निराश करने वाली व प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए नाकाफी है। इस आर्थिक पैकेज में तो सिर्फ सड़कों का ही निर्माण हो पायेगा, बाकि की क्षतिपूर्ति कैसे की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज किये जाने की सरकार से मांग की।

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