उत्तराखण्डराजनीति

यह न्याय, सम्मान और उत्तराखंड की अस्मिता की लड़ाई है : भावना पांडे

भावना पांडे ने कहा, अंकिता भंडारी के माता-पिता के पत्र पर एफआईआर दर्ज ना करके किसी अन्य व्यक्ति की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर धामी सरकार इस मामले को भटकाना और जनता को गुमराह करना चाह रही है।

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं समाजसेवी भावना पांडे ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जाँच को लेकर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने इस प्रकरण की जाँच में धामी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाये हैं।

भावना पांडे ने कहा, भले ही मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जाँच करवाने की संस्तुति दे दी है लेकिन कईं ऐसे सवाल आज भी मौजूद हैं जो जनता को सोचने पर विवश कर रहे हैं और कहीं ना कहीं ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भाजपा सरकार वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है।

भावना पांडे ने कहा, अंकिता भंडारी के माता-पिता के पत्र पर एफआईआर दर्ज ना करके किसी अन्य व्यक्ति की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर धामी सरकार इस मामले को भटकाना और जनता को गुमराह करना चाह रही है। अंकिता मामले की जाँच को भटकाने का धामी सरकार का ये नया पैंतरा है। मगर भाजपा ये जान ले कि वो अपनी कोशिशों में कभी कामयाब नहीं होगी।

भावना पांडे ने कहा कि भाजपा चाहे जितना भी जोर लगा ले वीआईपी को बचा नहीं पाएगी और जल्दी गुनहगार का चेहरा बेनकाब होगा। उन्होंने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जाँच सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। यह न्याय, सम्मान और उत्तराखंड की अस्मिता की लड़ाई है। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तक जनसंघर्ष जारी रहेगा।

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